एक आंख से आंसू पोंछ सको तो समझो पूरे इन्सां होदुनिया को रुलाने की खातिर हेवान हजारो लाखो है !
गुजरे हैं जमाने अश्रुओं की आहुतियाँ देते,खुद पे होता हूँ हैराँ अब तक इन्सां कैसे हूँ|sorry for late reply!
एक आंख से आंसू पोंछ सको
ReplyDeleteतो समझो पूरे इन्सां हो
दुनिया को रुलाने की खातिर
हेवान हजारो लाखो है !
गुजरे हैं जमाने अश्रुओं की आहुतियाँ देते,
ReplyDeleteखुद पे होता हूँ हैराँ अब तक इन्सां कैसे हूँ|
sorry for late reply!